‘वोट चोरी’ के आरोप पर भाजपा का चरणदास महंत से तीखा सवाल, अभिषेक शर्मा बोले– क्या सक्ती की जीत भी वोट चोरी से हुई?

कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने उठाए सवाल, कहा– अपनी जीत जनता का आशीर्वाद और दूसरों की जीत वोट चोरी कैसे?
कांग्रेस विधायकों के जनादेश पर भी खड़े किए सवाल, अभिषेक शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर माफी मांगने या आरोपों को साबित करने की दी चुनौती
सक्ती, 30 अक्टूबर 2026। देश की राजनीति में कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर अब सक्ती में भी सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी सक्ती नगर मंडल अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत पर तीखा हमला बोलते हुए उनसे सीधा सवाल किया है कि यदि देश में चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से वोट चोरी हो रही है, तो क्या सक्ती विधानसभा से उनकी अपनी जीत भी वोट चोरी के जरिए हुई है?
भाजपा मंडल अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेता लगातार चुनाव आयोग और देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर चुनाव प्रक्रिया को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। राहुल गांधी की राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए कांग्रेस द्वारा ‘वोट चोरी’ का नारा दिया जा रहा है और जनता के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है।
महंत अपनी जीत पर भी स्थिति स्पष्ट करें
अभिषेक शर्मा ने कहा कि चरणदास महंत सक्ती विधानसभा के विधायक होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी हैं। ऐसे में उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि जिस चुनाव प्रक्रिया पर उनकी पार्टी सवाल उठा रही है, उसी प्रक्रिया से प्राप्त उनका अपना जनादेश क्या सही है? यदि चुनाव प्रक्रिया में वास्तव में वोट चोरी हुई है, तो क्या सक्ती विधानसभा से उनकी जीत भी इसी कथित वोट चोरी का परिणाम है?
उन्होंने कहा कि सवाल केवल सक्ती विधानसभा का नहीं है। जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली आठ विधानसभा सीटों पर भी कांग्रेस के विधायक निर्वाचित हुए हैं। यदि कांग्रेस के आरोपों के अनुसार चुनाव प्रक्रिया ही संदेहास्पद है, तो क्या इन सभी कांग्रेस विधायकों का जनादेश भी सवालों के घेरे में नहीं आता?
दोहरे राजनीतिक मापदंड नहीं चलेंगे
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर दोहरे राजनीतिक मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अपनी जीत होने पर जनता का आशीर्वाद और दूसरी पार्टी की जीत होने पर वोट चोरी का आरोप लगाना कांग्रेस की राजनीतिक सोच को दर्शाता है। लोकतंत्र में इस तरह की दोहरी नीति स्वीकार नहीं की जा सकती।
कांग्रेस विधायकों से इस्तीफे की मांग
अभिषेक शर्मा ने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत को चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें या तो स्पष्ट रूप से स्वीकार करना चाहिए कि सक्ती सहित छत्तीसगढ़ की कांग्रेस विधायक वाली सीटों पर जीत भी कथित वोट चोरी से हुई है, अथवा चुनाव आयोग और देश की जनता से अपने ‘वोट चोर’ संबंधी आरोपों पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर इतना ही अविश्वास है तो कांग्रेस के विधायकों को पहले इस्तीफा देना चाहिए, उसके बाद रामलीला मैदान जाकर अपनी बात रखनी चाहिए।
अभिषेक शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान होना चाहिए। अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार कभी चुनाव परिणामों को स्वीकार करना और कभी उसी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना उचित नहीं है। कांग्रेस को अपने आरोपों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।




