वेदांता ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी: मृतकों के परिजनों को 35 लाख, घायलों को राहत और इलाज, रोजगार-शिक्षा तक दी आजीवन सुरक्षा की गारंटी

सक्ती/सिंघीतराई, 25 अप्रैल 2026। सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए हृदयविदारक हादसे के बाद कंपनी ने राहत और पुनर्वास के मोर्चे पर तेजी दिखाते हुए सभी प्रभावित 35 परिवारों को पूर्ण मुआवजा प्रदान कर दिया है। इस पहल के तहत मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये तथा घायलों को 15-15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उपलब्ध कराई गई है, जिससे पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत मिल सकी है।
घटना प्लांट की यूनिट-1 में बॉयलर से जुड़ी तकनीकी खराबी के चलते हुई, जहां उच्च दबाव की गर्म भाप और पानी के रिसाव ने कुछ ही पलों में भयावह रूप ले लिया। हादसे के वक्त ठेका कंपनी एनजीएसएल (एनटीपीसी-जीई पावर सर्विसेस लिमिटेड) एवं उप-ठेका कंपनी के लगभग 35 कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद थे। दुर्घटना के तुरंत बाद वेदांता प्रबंधन ने आपातकालीन प्रोटोकॉल सक्रिय करते हुए घायलों को रायगढ़, खरसिया और रायपुर के प्रमुख अस्पतालों में भर्ती कराया और उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की।
कंपनी ने न केवल आर्थिक सहायता दी, बल्कि प्रभावित परिवारों के जीवन को पुनर्संवारने की दिशा में ठोस कदम भी उठाए हैं। मृतकों के परिजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, बच्चों की 12वीं तक की शिक्षा का संपूर्ण जिम्मा उठाने और कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से परिवार के सदस्यों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना लागू की जा रही है।
वेदांता पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजिंदर सिंह आहूजा ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि “यह केवल मुआवजा नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी का संकल्प है। हम हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े हैं और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घटना की निष्पक्ष जांच के लिए सभी नियामक और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
हादसे के बाद संयंत्र स्तर पर गठित केंद्रीय आपदा प्रबंधन टीम 24 घंटे सक्रिय रही, जिसने इलाज, काउंसिलिंग, वेतन भुगतान, आवास, भोजन और परिवारजनों की हर छोटी-बड़ी जरूरत का समन्वय किया। ‘वेदांता संवेदना केंद्र’ के माध्यम से प्रभावित परिवारों को निरंतर जानकारी, सहायता और मानसिक संबल प्रदान किया जा रहा है।
घायलों और उनके परिजनों ने भी कंपनी के सहयोग को सराहा है। अस्पताल में उपचाररत कर्मियों के परिजनों ने बताया कि कंपनी द्वारा इलाज, रहने-खाने और नियमित संवाद की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है, जिससे इस कठिन समय में उन्हें सहारा मिला है। वेदांता पावर ने इस कठिन घड़ी में प्रशासन, चिकित्सा टीमों और अन्य सहयोगियों के योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि कंपनी भविष्य में सुरक्षा मानकों को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
राहत से पुनर्वास तक—वेदांता का यह कदम न सिर्फ जिम्मेदारी निभाने का उदाहरण है, बल्कि उद्योग जगत में मानवीय संवेदनाओं की मिसाल भी बनकर उभरा है।




