सक्ती थाने में FIR दर्ज कराने में देरी का आरोप, महिला उत्पीड़न के मामले में कार्रवाई नहीं होने से उठे सवाल; थाना प्रभारी बोले– जांच के बाद होगी नियमानुसार कार्रवाई

सक्ती। महिला सुरक्षा और त्वरित न्याय के दावों के बीच सक्ती थाना एक बार फिर चर्चा में है। दहेज प्रताड़ना और महिला उत्पीड़न से जुड़े एक मामले में शिकायत दिए जाने के बावजूद लंबे समय तक FIR दर्ज नहीं होने के आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि आवेदन देने के बाद भी उन्हें लगातार थाने के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार पीड़िता का विवाह 20 अप्रैल 2026 को हुआ था। आरोप है कि विवाह के कुछ ही समय बाद ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग, मानसिक प्रताड़ना और दुर्व्यवहार शुरू कर दिया गया। परिस्थितियां बिगड़ने पर पीड़िता 25 मई 2026 को अपने मायके लौट आई। इसके बाद 29 मई 2026 को पीड़िता ने सक्ती थाने में पति एवं ससुराल पक्ष के विरुद्ध लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
परिवार परामर्श केंद्र में हुई काउंसलिंग
शिकायत के बाद मामले को परिवार परामर्श केंद्र भेजा गया। शिकायतकर्ता के अनुसार 27 जून 2026 को दोनों पक्षों की काउंसलिंग हुई, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए थाने जाने की सलाह दी गई। इसके बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं होने का आरोप लगाया गया है।शिकायतकर्ता का कहना है कि शिकायत दिए जाने के बाद से लगातार पुलिस से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि मामला अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया है।
एक वरिष्ठ पत्रकार के परिवार से जुड़ा है मामला
शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि यह मामला जिले के एक वरिष्ठ पत्रकार के परिवार से जुड़ा है। उनका कहना है कि यदि पत्रकार परिवार को भी महिला संबंधी शिकायत दर्ज कराने में इतनी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, तो आम नागरिकों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
महिला सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
महिला उत्पीड़न और दहेज प्रताड़ना जैसे मामलों में समय पर कार्रवाई को लेकर लगातार संवेदनशीलता की बात कही जाती है। ऐसे में इस मामले में कार्रवाई में हुई देरी को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि मामले में शीघ्र कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।
थाना प्रभारी ने क्या कहा?
इस संबंध में सक्ती थाना प्रभारी लखन पटेल ने कहा,
“मामले की जांच की जा रही है। जांच उपरांत ही आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।”
— लखन पटेल, थाना प्रभारी, सक्ती
अब निगाहें जांच पर
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच कितने समय में पूरी करती है और उसके आधार पर क्या निर्णय लिया जाता है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी, वहीं यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसके अनुसार विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल यह मामला सक्ती जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।




