सुशासन तिहार में ठगे रह गए सक्तीवासी, मुख्यमंत्री का ठठारी दौरा अंतिम समय में स्थगित,मुख्यमंत्री से सीधे संवाद की उम्मीद लगाए बैठे हजारों लोगों को लौटना पड़ा निराश, अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों का अंबार लेकर पहुंचे थे ग्रामीण

सक्ती। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन तिहार के तहत सक्ती जिले के ठठारी में प्रस्तावित कार्यक्रम के अंतिम समय में स्थगित हो जाने से क्षेत्रभर में मायूसी का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिले के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों में भारी उत्साह था। लोग अपनी समस्याओं, शिकायतों और मांगों को सीधे प्रदेश के मुखिया के समक्ष रखने की उम्मीद में सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे। लेकिन अचानक कार्यक्रम स्थगित होने की सूचना ने लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासनिक अमला कई दिनों से तैयारियों में जुटा हुआ था। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, मंच, बैठक व्यवस्था, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए गए थे। अधिकारी और कर्मचारी सुबह से ही कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में लगे हुए थे। वहीं दूर-दराज के गांवों से आए लोग मुख्यमंत्री के आगमन का इंतजार कर रहे थे।
मुख्यमंत्री से मिलने की उम्मीद लेकर पहुंचे थे ग्रामीण
सुशासन तिहार का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी विश्वास के साथ जिले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोग ठठारी पहुंचे थे। कोई प्रधानमंत्री आवास योजना की समस्या लेकर आया था तो कोई राशन कार्ड, पेंशन, नामांतरण, सीमांकन, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लगाए बैठा था।
ग्रामीणों का कहना था कि स्थानीय स्तर पर कई बार आवेदन देने और अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया। ऐसे में मुख्यमंत्री के समक्ष सीधे अपनी बात रखने का यह एक बड़ा अवसर था।
हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी बताकर किया गया कार्यक्रम स्थगित
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री का ठठारी दौरा हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी के कारण स्थगित किया गया। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम निरस्त करने का निर्णय लिया गया। हालांकि इस सूचना के बाद भी लंबे समय तक लोग कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री के आने की उम्मीद में डटे रहे।
सक्ती के ऊपर से उड़कर रायगढ़ पहुंचे मुख्यमंत्री
कार्यक्रम स्थगित होने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। लोगों के बीच यह बात तेजी से चर्चा में रही कि मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर सक्ती जिले के ऊपर से उड़कर रायगढ़ पहुंचा, जहां उनका निर्धारित कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसके अलावा बिलासपुर में भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम आयोजित हुए। ऐसे में कई लोगों ने सवाल उठाए कि जब अन्य स्थानों पर कार्यक्रम संपन्न हो सकते हैं तो सक्ती का दौरा ही क्यों स्थगित किया गया।
हालांकि प्रशासन की ओर से तकनीकी कारणों को ही कार्यक्रम स्थगन की वजह बताया गया है।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर होने वाली थी खुली शिकायत
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिले में एक और चर्चा जोरों पर रही। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में ग्रामीण विभिन्न विभागों के अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें लेकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे। कई लोग अपने साथ आवेदन, दस्तावेज और शिकायत पत्र भी लेकर आए थे ताकि मुख्यमंत्री के समक्ष सीधे अपनी बात रख सकें।
ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व, पंचायत, खाद्य, आवास, विद्युत, जल संसाधन और अन्य विभागों में कई मामलों में लोगों को समय पर राहत नहीं मिल रही है। छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
भर्राशाही और मनमानी को लेकर लोगों में नाराजगी
क्षेत्र के लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि मुख्यमंत्री के सामने जिले में व्याप्त कथित भर्राशाही, लापरवाही और प्रशासनिक मनमानी से जुड़े अनेक मामले सामने आने वाले थे। कई ग्रामीणों का कहना था कि उनकी शिकायतों पर निचले स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है, जिसके कारण वे सीधे मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने की तैयारी कर चुके थे।
सुशासन तिहार के मंच पर जिले के कई विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आने की संभावना जताई जा रही थी। ऐसे में कार्यक्रम स्थगित होने से अनेक लोगों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पाया।
घंटों इंतजार के बाद निराश लौटे लोग
कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और किसानों की भीड़ जुटने लगी थी। कई लोग लंबी दूरी तय कर ठठारी पहुंचे थे। मुख्यमंत्री के आगमन की प्रतीक्षा में लोगों ने घंटों इंतजार किया, लेकिन कार्यक्रम निरस्त होने की सूचना मिलते ही निराशा का माहौल छा गया। कई ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन उन्हें बिना सुने ही वापस लौटना पड़ा।
अब नई तिथि का इंतजार
मुख्यमंत्री का दौरा स्थगित होने के बाद अब क्षेत्रवासियों की नजरें नए कार्यक्रम पर टिक गई हैं। लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री जल्द ही सक्ती जिले का दौरा करेंगे और सुशासन तिहार के तहत आम जनता की समस्याओं को सुनेंगे। फिलहाल कार्यक्रम के स्थगित होने से जहां आमजन निराश हैं, वहीं प्रशासनिक तैयारियों पर भी पानी फिर गया है।
सुशासन तिहार के माध्यम से जनता और शासन के बीच सीधे संवाद की जो उम्मीद जगी थी, वह फिलहाल अधूरी रह गई है। अब जिले के हजारों लोग मुख्यमंत्री के अगले दौरे की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वे अपनी समस्याओं और शिकायतों को प्रदेश के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचा सकें।




