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दोपहर के समय सड़कों पर पसरा सन्नाटा, 43 डिग्री तापमान ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें

सूरज फिर दिखा रहा तेवर, भीषण गर्मी से जनजीवन अस्त-व्यस्त

सक्ती। प्रदेश सहित सक्ती जिले में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बढ़ते तापमान और चिलचिलाती धूप ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है। सुबह से ही तेज धूप लोगों को झुलसाने लगती है, जबकि दोपहर होते-होते हालात इतने गंभीर हो जाते हैं कि सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आता है।

जिले में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने से लोग जरूरी कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। दोपहर के समय बाजार, चौक-चौराहे और मुख्य सड़कें लगभग सूनी दिखाई दे रही हैं। गर्म हवाओं और उमस भरे वातावरण ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

मजदूर और किसान सबसे ज्यादा प्रभावित

भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर मजदूर वर्ग, रिक्शा चालकों, ठेला व्यापारियों और खेतों में काम करने वाले किसानों पर पड़ रहा है। रोजी-रोटी की मजबूरी में उन्हें तेज धूप के बीच काम करना पड़ रहा है, जिससे उनकी सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

कई मजदूरों ने बताया कि दोपहर के समय काम करना बेहद कठिन हो गया है, लेकिन परिवार का पालन-पोषण करने के लिए उन्हें गर्मी की परवाह किए बिना मेहनत करनी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले किसान भी तपती धूप के कारण परेशान नजर आ रहे हैं।

बाजारों में घटने लगी चहल-पहल

भीषण गर्मी का असर व्यापारिक गतिविधियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय शहर के प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। दुकानदारों का कहना है कि सुबह और शाम के समय ही बाजारों में कुछ रौनक दिखाई देती है, जबकि दोपहर में लोग घरों में ही रहना पसंद कर रहे हैं।

गर्मी से राहत पाने के लिए लोग कूलर, पंखे और एसी का सहारा ले रहे हैं। वहीं शिकंजी, लस्सी, गन्ने का रस, नारियल पानी और अन्य ठंडे पेय पदार्थों की मांग में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग मटका का ठंडा पानी, पेड़ों की छांव और हल्के भोजन जैसे पारंपरिक उपायों को अपनाकर गर्मी से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं।

प्याऊ बन रहे राहगीरों के लिए राहत का सहारा

जिले के कई स्थानों पर समाजसेवी संस्थाओं और स्थानीय नागरिकों द्वारा राहगीरों के लिए प्याऊ की व्यवस्था की गई है। तेज गर्मी के बीच यह प्याऊ लोगों को राहत पहुंचाने का बड़ा माध्यम बन रहे हैं। राहगीर रुककर ठंडा पानी पी रहे हैं और कुछ देर विश्राम कर आगे की यात्रा कर रहे हैं।

स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा गर्मी का असर

तेज गर्मी का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। जिला अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में लू, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी-दस्त और कमजोरी जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग इस मौसम में ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार शरीर में पानी की कमी और लंबे समय तक धूप के संपर्क में रहने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ रही हैं।

डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को भीषण गर्मी से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचना चाहिए।

इसके अलावा बाहर जाते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकने, हल्के एवं सूती कपड़े पहनने, अधिक तला-भुना भोजन नहीं खाने और शरीर में पानी की कमी महसूस होने पर तुरंत ग्लूकोज या नींबू पानी लेने की सलाह दी गई है।

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